GT America Devanagari
Family overview
- Ultra Light
- Thin
- Light
- Regular
- Medium
- Bold
- Black
- Ultra Lightखीर भारतीय व्यंजनों में से एक है जो बहुत समय से बनाया जा रहा है। इसे पुरानी संस्कृति में भी पसंद किया जाता था। खीर के बनाने की विधि भी काफी पुरानी है। इसे बनाने के लिए दूध, चावल और चीनी को मिलाकर उबाला जाता है और इसमें खुशबू और स्वाद के लिए केसर और खोपरा भी डाला जाता है।
- Thinखीर भारतीय व्यंजनों में से एक है जो बहुत समय से बनाया जा रहा है। इसे पुरानी संस्कृति में भी पसंद किया जाता था। खीर के बनाने की विधि भी काफी पुरानी है। इसे बनाने के लिए दूध, चावल और चीनी को मिलाकर उबाला जाता है और इसमें खुशबू और स्वाद के लिए केसर और खोपरा भी डाला जाता है।
- Lightजब यह चिपकने लगे तो इसे ठंडा करके छान लीजिये। एक चौड़े और बड़े बर्तन में मावा, पनीर और मैदा डालकर नरम व चिकना आटा गूथ लें। गुलाब जामुन बनाने के लिये मावा तैयार रखें। अब इसमें से थोड़ा सा मावा (करीब एक छोटी चम्मच) उंगलियों की सहायता से निकालिये और उसे हथेली पर रखकर चपटा कर लीजिये।
- Regularगुलाब जामुन एक प्रकार का पकवान है जो मैदे, खोये तथा चीनी से बनाया जाता है। गलाब जामुन नामक एक फल भी होता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। गुलाब जामुन एक फ़ारसी भाषा का शब्द है।
- Mediumगुलाब जामुन एक प्रकार का पकवान है जो मैदे, खोये तथा चीनी से बनाया जाता है। गुलाब जामुन नामक एक फल भी होता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। गुलाब जामुन एक फ़ारसी भाषा का शब्द है। गुलाब जामुन बनाने के लिये प्रतिकिलो खोये मे सौ ग्राम मैदा मिलाये। इसमे थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाएँ। अब इसे अच्छी तरह गूँथे (मिलाइए)। गुलाब जामुन तो लगभग सभी की पसंदीदा मिठाई है।
- Boldखीर एक प्रकार का मिष्टान्न है जिसे चावल को दूध में पका कर बनाया जाता है। खीर को पायस भी कहा जाता है। 'खीर' शब्द, 'क्षीर' (= दूध) का अपभ्रंश रूप है। जो इसकी एक अलग मिठास देता है। इसकी खुशबू और स्वाद लोगों को मुग्ध करते हैं और उनके मुंह में पानी आ जाता है।
- Blackगुलाब जामुन एक प्रकार का पकवान है जो मैदे, खोये तथा चीनी से बनाया जाता है। गलाब जामुन नामक एक फल भी होता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। गुलाब जामुन एक फ़ारसी भाषा का शब्द है।
- Settings
Typeface information
GT America Devanagari is the missing bridge between 19th century American Gothics and 20th century European Neo-Grotesk typefaces, built from the ground up as a sturdy workhorse.
Typeface Minisite


- Visit the GT America Devanagari minisite to discover more about the typeface family’s history and design concept.

