GT America Devanagari
Family overview
- Ultra Light
- Thin
- Light
- Regular
- Medium
- Bold
- Black
- Ultra Light३-४ काजू के टुकड़े और एक किशमिश उसके ऊपर रख कर मावे को चारों ओर से उठा कर बंद कर दीजिये और दोनों हथेलियों के बीच रख कर गोल करके प्लेट में रख लीजिये। सारे गोले इसी तरह तैयार कर लीजिये।
- Thinएक लीटर छाछ में लगभग २०० ग्राम बाजरे का आटा मिलाकर आग पर चढावें और धीरे धीरे लकड़ी के चाटू से हिलाते रहें. जब यह गाढी हो जाए और उफनने लगे तब नीचे उतार कर स्वाद के अनुसार नमक मिलावें. यदि गाढी ज्य्य्यादा हो जाए तो इसमें ठंडा छाछ और मिलावें
- Lightएक लीटर छाछ में लगभग २०० ग्राम बाजरे का आटा मिलाकर आग पर चढावें और धीरे धीरे लकड़ी के चाटू से हिलाते रहें. जब यह गाढी हो जाए और उफनने लगे तब नीचे उतार कर स्वाद के अनुसार नमक मिलावें. यदि गाढी ज्य्य्यादा हो जाए तो इसमें ठंडा छाछ और मिलावें
- Regularगुलाब जामुन एक प्रकार का पकवान है जो मैदे, खोये तथा चीनी से बनाया जाता है। गलाब जामुन नामक एक फल भी होता है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। गुलाब जामुन एक फ़ारसी भाषा का शब्द है।
- Mediumअक्सर आप इन्हें किसी विशेष उत्सव या समारोह में खाते होंगे या फिर कभी-कभी बज़ार से लाकर। पर क्या कभी आपने इन्हें घर पर बनाया है? यदि नहीं तो आज बनाकर देखिये। गुलाब जामुन दो तरीके से बनते हैं। मावे में थोड़ा सा मैदा मिला कर और मावे में पनीर मिला कर। दोनों ही तरह से बने हुए गुलाब जामुन अत्यंत स्वादिष्ट लगते हैं। आइये आज हम मावे में पनीर मिला कर गुलाब जामुन बनाते हैं। समय : करीब १-१.१/२ घंटा। एक बर्तन में चीनी और चीनी की मात्रा से आधा पानी मिलाकर गैस पर पकने रख दीजिये।
- Boldखीर भारतीय व्यंजनों में से एक है जो बहुत समय से बनाया जा रहा है। इसे पुरानी संस्कृति में भी पसंद किया जाता था। खीर के बनाने की विधि भी काफी पुरानी है। इसे बनाने के लिए दूध, चावल और चीनी को मिलाकर उबाला जाता है और इसमें खुशबू और स्वाद के लिए केसर और खोपरा भी डाला जाता है।
- Blackजब यह चिपकने लगे तो इसे ठंडा करके छान लीजिये। एक चौड़े और बड़े बर्तन में मावा, पनीर और मैदा डालकर नरम व चिकना आटा गूथ लें। गुलाब जामुन बनाने के लिये मावा तैयार रखें। अब इसमें से थोड़ा सा मावा (करीब एक छोटी चम्मच) उंगलियों की सहायता से निकालिये और उसे हथेली पर रखकर चपटा कर लीजिये।
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Typeface information
GT America Devanagari is the missing bridge between 19th century American Gothics and 20th century European Neo-Grotesk typefaces, built from the ground up as a sturdy workhorse.
Typeface Minisite


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